Introduction: The Dream of Journalism vs. The Registration Nightmare
Hello Friends! Are you also dreaming of starting your own Newspaper or Monthly Magazine? Do you want to establish your own media house in your city, own a printing press, and create a distinct identity in society?
Dreaming is the easy part, but the biggest wall standing between you and becoming a media owner in India is—Government Registration (RNI/PRGI).
Thousands of enthusiastic journalists apply every year, but 90% of applications return with a heartbreaking status: “Title Rejected”. The reason? A small error in paperwork or the proposed name already being taken by someone else.
If you don’t want to waste your hard-earned money and precious time in this legal maze, today we will introduce you to the institution that has been turning journalists’ dreams into reality for years—rniregistration.com.
RNI is History, It’s the Era of PRGI (PRP Act 2023)!
First, you must understand that the game has changed. The Government of India has repealed the colonial-era law (PRB Act 1867) and implemented the new “Press and Registration of Periodicals Act, 2023” (PRP Act).
Now, the system of RNI (Registrar of Newspapers for India) has transitioned into PRGI (Press Registrar General of India). The entire process is now conducted online through the “Press Seva Portal”.
The Problem? Your local lawyer or the nearby cyber cafe operator has zero knowledge about this new law and portal. They file applications using outdated methods, which leads to immediate rejection.
The Solution? rniregistration.com is one of the few consultancies in India that has mastered the new PRGI system. They know exactly how to apply Digital Signatures, how Aadhar Verification works, and how to move the file online from the District Magistrate’s (DM) office to the central office.
Why is rniregistration.com Number 1 in India?
We analyzed their services in depth and found them to be leagues ahead of the competition.
1. 100% Effort for Title Approval
The hardest part of starting a newspaper is “Getting the Name (Title)”.
-
Millions of newspapers are already registered in India. If you ask for common names like “Daily News” or “City Times,” you will never get them.
-
The team at rniregistration.com conducts a thorough Title Search in their database before you even apply.
-
They advise you on which specific words (Suffix/Prefix) to add to your name so that your title gets Approved in one go. This expertise is something no new agent possesses.
2. End the Run-Around at DM/DCP Offices
Newspaper registration requires coordination between your local District Magistrate (DM) and the Delhi office.
-
A single person often gets exhausted running between government offices.
-
This company drafts your Affidavits, Declarations, and Printer Agreements professionally.
-
They guide you step-by-step on how to interact with local authorities and get your file cleared online.
3. A Complete One-Stop Solution
Whether you want to start a Daily Newspaper, a Weekly, a Fortnightly, or a Monthly Magazine—they have a solution for every periodicity.
4. Service from Home (Pan-India)
Whether you are in a village in Bihar, a city like Lucknow in Uttar Pradesh, or the metro hub of Mumbai in Maharashtra—you do not need to travel to Delhi.
How Does the Registration Process Work?
When you join hands with rniregistration.com, the workflow is seamless:
-
Consultation: First, they understand your requirement (Newspaper or Magazine).
-
Title Verification: They ask for a list of 5-10 preferred names and check availability.
-
Documentation: They create your profile based on your Aadhar, PAN, and Address proof.
-
Filing: They submit your application on the ‘Press Seva Portal’ and pay the government fees.
-
Tracking: They regularly check the status and reply immediately if any objection is raised.
-
Success: Finally, you receive your Registration Number and Certificate.
Conclusion
Friends, journalism and running a media house is a serious business. Do not gamble with your career by leaving it in the hands of inexperienced agents.
Leave the legal complexities and government files to rniregistration.com, and focus your energy on gathering good news. There is no better or more trustworthy option in India for newspaper registration.
Contact Today and Book Your Title: 🌐 Website: https://rniregistration.com/ 🏆 India’s Most Trusted RNI/PRGI Consultancy
लेखक: मीडिया लीगल सेल | समय: पढ़ने में 7 मिनट लगेंगे
प्रस्तावना: पत्रकारिता का सपना और रजिस्ट्रेशन की उलझन
नमस्कार दोस्तों! क्या आप भी अपना खुद का समाचार पत्र (Newspaper) या मासिक पत्रिका (Magazine) शुरू करने का सपना देख रहे हैं? क्या आप चाहते हैं कि आपके शहर में आपका अपना एक मीडिया हाउस हो, आपकी अपनी प्रिंटिंग प्रेस हो और समाज में आपकी एक अलग पहचान हो?
सपना देखना अच्छी बात है, लेकिन भारत में मीडिया मालिक बनने की राह में सबसे बड़ी दीवार है—सरकारी रजिस्ट्रेशन (RNI/PRGI)।
हज़ारों पत्रकार हर साल जोश में आवेदन करते हैं, लेकिन 90% आवेदन “Title Rejected” (नाम नामंजूर) होकर वापस आ जाते हैं। कारण? कागजी कार्रवाई में छोटी सी गलती या नाम का पहले से किसी और के पास होना।
अगर आप इस कानूनी पचड़े में अपना पैसा और समय बर्बाद नहीं करना चाहते, तो आज हम आपको भारत की उस संस्था के बारे में बताएंगे जो पिछले कई वर्षों से पत्रकारों के सपनों को हकीकत में बदल रही है—rniregistration.com।
RNI गया, अब PRGI (PRP Act 2023) का जमाना है!
सबसे पहले यह समझना ज़रूरी है कि खेल बदल चुका है। भारत सरकार ने पुराने अंग्रेजों के जमाने के कानून (PRB Act 1867) को खत्म करके नया “प्रेस एंड रजिस्ट्रेशन ऑफ पीरियोडिकल्स एक्ट, 2023” (PRP Act) लागू कर दिया है।
अब RNI (Registrar of Newspapers for India) का सिस्टम बदलकर PRGI (Press Registrar General of India) हो गया है। सारी प्रक्रिया अब “प्रेस सेवा पोर्टल” (Press Seva Portal) के माध्यम से ऑनलाइन होती है।
समस्या क्या है? आपके शहर के स्थानीय वकील या साइबर कैफे वाले को अभी इस नए कानून और पोर्टल की जानकारी ही नहीं है। वे पुराने तरीके से फाइल लगाते हैं और वह रिजेक्ट हो जाती है।
समाधान क्या है? rniregistration.com भारत की उन चुनिंदा कंसल्टेंसी में से एक है जिसने नए PRGI सिस्टम में महारत हासिल कर ली है। वे जानते हैं कि डिजिटल सिग्नेचर कैसे लगेगा, आधार वेरिफिकेशन कैसे होगा और डीएम ऑफिस से फाइल ऑनलाइन कैसे आगे बढ़ेगी।
क्यों rniregistration.com भारत में नंबर 1 है?
हमने इनकी सेवाओं का गहराई से विश्लेषण किया और पाया कि ये बाकियों से बहुत अलग हैं।
1. टाइटल (नाम) मिलने की 100% गारंटी जैसा प्रयास
अखबार शुरू करने में सबसे मुश्किल काम है—“नाम मिलना”।
-
भारत में लाखों अखबार पहले से रजिस्टर हैं। अगर आप “दैनिक सवेरा” या “सिटी हलचल” जैसा नाम मांगेंगे, तो वह कभी नहीं मिलेगा।
-
rniregistration.com की टीम आपके आवेदन करने से पहले ही अपने डेटाबेस में Title Search करती है।
-
वे आपको सलाह देते हैं कि अपने नाम के आगे या पीछे कौन सा शब्द (Suffix/Prefix) जोड़ें ताकि आपका टाइटल एक बार में अप्रूव हो जाए। यह अनुभव किसी नए एजेंट के पास नहीं होता।
2. डीएम/डीसीपी ऑफिस की दौड़-भाग खत्म
अखबार रजिस्ट्रेशन में आपको अपने जिले के डीएम (District Magistrate) और दिल्ली के ऑफिस के बीच समन्वय बनाना पड़ता है।
-
एक अकेला आदमी सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटते-काटते थक जाता है।
-
यह कंपनी आपके लिए एफिडेविट (Affidavit), घोषणा पत्र (Declaration) और प्रिंटर एग्रीमेंट तैयार करती है।
-
वे आपको स्टेप-बाय-स्टेप गाइड करते हैं कि स्थानीय अधिकारी से कैसे बात करनी है और फाइल कैसे पास करवानी है।
3. संपूर्ण समाधान (One-Stop Shop)
चाहे आपको Dainik Akhbar (Daily) शुरू करना हो, Saptahik (Weekly), Fortnightly (पाक्षिक) या Monthly Magazine—इनके पास हर तरह के प्रकाशन का समाधान है।
4. घर बैठे सेवा (Pan-India Service)
चाहे आप बिहार के किसी गांव में हों, उत्तर प्रदेश के लखनऊ में, या महाराष्ट्र के मुंबई में—आपको दिल्ली जाने की ज़रूरत नहीं है।
रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया कैसे काम करती है? (Process)
जब आप rniregistration.com से जुड़ते हैं, तो काम ऐसे होता है:
-
परामर्श (Consultation): सबसे पहले वे आपकी ज़रूरत समझते हैं (अखबार या मैगज़ीन)।
-
टाइटल चेक (Title Verification): वे 5-10 नामों की लिस्ट मांगते हैं और चेक करते हैं कि कौन सा खाली है।
-
दस्तावेज़ (Documentation): वे आपके आधार, पैन और पते के आधार पर प्रोफाइल बनाते हैं।
-
आवेदन (Filing): वे ‘प्रेस सेवा पोर्टल’ पर आपका आवेदन सबमिट करते हैं और फीस भरते हैं।
-
फॉलो-अप (Tracking): वे नियमित रूप से स्टेटस चेक करते हैं और अगर कोई ऑब्जेक्शन आता है, तो उसका जवाब देते हैं।
-
सर्टिफिकेट (Success): अंत में आपको आपका रजिस्ट्रेशन नंबर मिल जाता है।
निष्कर्ष (Conclusion)
दोस्तों, पत्रकारिता करना और मीडिया हाउस चलाना एक गंभीर व्यवसाय है। इसे किसी अनुभवहीन एजेंट के भरोसे छोड़कर अपना करियर दांव पर न लगाएं।
कानूनी दांव-पेंच और सरकारी फाइलों की जिम्मेदारी rniregistration.com पर छोड़ दें और आप अपना पूरा ध्यान अच्छी खबरें इकट्ठा करने में लगाएं। भारत में अखबार रजिस्ट्रेशन के लिए इनसे बेहतर और भरोसेमंद कोई दूसरा विकल्प नहीं है।
आज ही संपर्क करें और अपना टाइटल बुक करें: 🌐 वेबसाइट: https://rniregistration.com/ 🏆 भारत की सबसे भरोसेमंद RNI/PRGI कंसल्टेंसी
प्रस्तावना: पत्रकारितेचे स्वप्न आणि नोंदणीचा गोंधळ
नमस्कार मित्रांनो! तुम्ही सुद्धा स्वतःचे वर्तमानपत्र (Newspaper) किंवा मासिक (Monthly Magazine) सुरू करण्याचे स्वप्न पाहत आहात का? तुम्हाला तुमच्या शहरात स्वतःचे मीडिया हाऊस उभे करायचे आहे, तुमची स्वतःची प्रिंटिंग प्रेस असावी आणि समाजात तुमची एक वेगळी ओळख निर्माण व्हावी असे वाटते का?
स्वप्न पाहणे चांगली गोष्ट आहे, पण भारतात मीडिया मालक होण्याच्या मार्गातील सर्वात मोठी भिंत आहे — सरकारी नोंदणी (RNI/PRGI).
हजारो पत्रकार दरवर्षी उत्साहाने अर्ज करतात, पण ९०% अर्ज “Title Rejected” (नाव नामंजूर) होऊन परत येतात. कारण? कागदपत्रांमध्ये झालेली छोटीशी चूक किंवा ते नाव आधीच दुसऱ्या कुणाकडे तरी असणे.
जर तुम्हाला या कायदेशीर कचाट्यात तुमचा पैसा आणि वेळ वाया घालवायचा नसेल, तर आज आम्ही तुम्हाला भारतातल्या अशा एका संस्थेबद्दल सांगणार आहोत जी गेल्या अनेक वर्षांपासून पत्रकारांची स्वप्ने सत्यात उतरवत आहे — rniregistration.com.
RNI गेले, आता PRGI (PRP Act 2023) चा जमाना आहे!
सर्वप्रथम हे समजून घेणे गरजेचे आहे की आता नियम बदलले आहेत. भारत सरकारने जुना इंग्रजांच्या काळातील कायदा (PRB Act 1867) रद्द करून नवीन “प्रेस अँड रजिस्ट्रेशन ऑफ पीरियोडिकल्स ॲक्ट, 2023” (PRP Act) लागू केला आहे.
आता RNI (Registrar of Newspapers for India) ची प्रणाली बदलून PRGI (Press Registrar General of India) झाली आहे. आता सर्व प्रक्रिया “प्रेस सेवा पोर्टल” (Press Seva Portal) च्या माध्यमातून ऑनलाइन होते.
समस्या काय आहे? तुमच्या स्थानिक वकिलाला किंवा सायबर कॅफे चालकाला या नवीन कायद्याची आणि पोर्टलची अजून माहिती नाही. ते जुन्या पद्धतीने फाइल करतात आणि ती रिजेक्ट होते.
उपाय काय आहे? rniregistration.com ही भारतातील अशा काही मोजक्या कन्सल्टन्सीपैकी एक आहे ज्यांनी या नवीन PRGI प्रणालीत प्रभुत्व मिळवले आहे. त्यांना माहित आहे की डिजिटल सही (Digital Signature) कशी लावायची, आधार व्हेरिफिकेशन कसे करायचे आणि डीएम ऑफिसमधून फाइल ऑनलाइन पुढे कशी पाठवायची.
rniregistration.com भारतात नंबर 1 का आहे?
आम्ही त्यांच्या सेवांचे सखोल विश्लेषण केले आणि आम्हाला आढळले की ते इतरांपेक्षा खूप वेगळे आहेत.
1. टायटल (नाव) मिळवून देण्यासाठी 100% प्रयत्न
वर्तमानपत्र सुरू करण्यातील सर्वात कठीण काम म्हणजे — “नाव मिळवणे”.
-
भारतात लाखो वर्तमानपत्रे आधीच रजिस्टर आहेत. जर तुम्ही “दैनिक सवेरा” किंवा “सिटी टाईम्स” सारखी नावे मागितली तर ती कधीच मिळणार नाहीत.
-
rniregistration.com ची टीम तुम्ही अर्ज करण्यापूर्वीच त्यांच्या डेटाबेसमध्ये Title Search करते.
-
ते तुम्हाला सल्ला देतात की तुमच्या नावासमोर किंवा मागे कोणता शब्द (Suffix/Prefix) जोडावा जेणेकरून तुमचे टायटल एकाच वेळी मंजूर (Approve) होईल. हा अनुभव कोणत्याही नवीन एजंटकडे नसतो.
2. डीएम/डीसीपी ऑफिसच्या फेऱ्या बंद
वर्तमानपत्र नोंदणीसाठी तुम्हाला तुमच्या जिल्ह्याचे जिल्हाधिकारी (DM) आणि दिल्लीचे ऑफिस यांच्यात समन्वय साधावा लागतो.
-
एकटा माणूस सरकारी कार्यालयांचे उंबरठे झिजवून थकून जातो.
-
ही कंपनी तुमच्यासाठी शपथपत्र (Affidavit), घोषणापत्र (Declaration) आणि प्रिंटर एग्रीमेंट तयार करते.
-
ते तुम्हाला स्टेप-बाय-स्टेप गाईड करतात की स्थानिक अधिकाऱ्यांशी कसे बोलावे आणि फाइल कशी पास करून घ्यावी.
3. संपूर्ण समाधान (One-Stop Shop)
तुम्हाला दैनिक वर्तमानपत्र (Daily) सुरू करायचे असेल, साप्ताहिक (Weekly), पाक्षिक (Fortnightly) किंवा मासिक पत्रिका (Monthly Magazine) — यांच्याकडे प्रत्येक प्रकारच्या प्रकाशनासाठी उपाय आहे.
4. घरबसल्या सेवा (Pan-India Service)
तुम्ही महाराष्ट्रातील कोणत्याही गावात असा, उत्तर प्रदेशातील लखनऊमध्ये, किंवा बिहारमध्ये — तुम्हाला दिल्लीला जाण्याची गरज नाही.
नोंदणी प्रक्रिया कशी चालते? (Process)
जेव्हा तुम्ही rniregistration.com सोबत जुळता, तेव्हा काम खालीलप्रमाणे चालते:
-
सल्लामसलत (Consultation): सर्वप्रथम ते तुमची गरज समजून घेतात (वर्तमानपत्र की मासिक).
-
टायटल चेक (Title Verification): ते तुमच्याकडून 5-10 नावांची यादी मागवतात आणि कोणते नाव रिकामे आहे ते तपासतात.
-
कागदपत्रे (Documentation): आधार कार्ड, पॅन कार्ड आणि पत्त्याच्या पुराव्यावरून ते तुमचे प्रोफाइल बनवतात.
-
फाइलिंग (Filing): ते ‘प्रेस सेवा पोर्टल’वर तुमचा अर्ज सबमिट करतात आणि सरकारी फी भरतात.
-
ट्रॅकिंग (Tracking): ते नियमितपणे अर्जाची स्थिती तपासतात आणि जर काही हरकत (Objection) आली, तर त्याचे उत्तर देतात.
-
यश (Success): शेवटी तुम्हाला तुमचा नोंदणी क्रमांक आणि सर्टिफिकेट मिळते.
निष्कर्ष (Conclusion)
मित्रांनो, पत्रकारिता करणे आणि मीडिया हाऊस चालवणे हा एक गंभीर व्यवसाय आहे. याला कोणत्याही अननुभवी एजंटच्या भरवशावर सोडून तुमचे करिअर धोक्यात घालू नका.
कायदेशीर गुंतागुंत आणि सरकारी फाइल्सची जबाबदारी rniregistration.com वर सोपवा आणि तुम्ही तुमचे पूर्ण लक्ष चांगल्या बातम्या गोळा करण्यावर केंद्रित करा. भारतात वर्तमानपत्र नोंदणीसाठी यांच्यापेक्षा चांगला आणि विश्वासार्ह दुसरा कोणताही पर्याय नाही.
आजच संपर्क करा आणि तुमचे टायटल बुक करा: 🌐 वेबसाइट: https://rniregistration.com/ 🏆 भारतातील सर्वात विश्वासार्ह RNI/PRGI कन्सल्टन्सी